लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आदेश दिया था कि दूसरे प्रदेशों से पलायन करने वाले किसी भी कामगार या मजदूर जहां हैं, उन्हें वहीं पर रोका जाएगा. उनको शेल्टर होम (Shelter Home) में रखा जाएगा और क्वारेंटाइन किया जाएगा. साथ ही खाने-पीने से लेकर स्वास्थ संबंधी सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी. सीएम योगी के इस आदेश के बाद लखनऊ की सीमा में जितने भी कामगार और मजदूर दाखिल हो रहे थे, उनको प्रशासन की ओर से बनाए गए हज हाउस (Haj House) और अवध शिल्पग्राम में रखा जा रहा है.
सोमवार सुबह ही बसों, ट्रकों में भरकर पलायन करने वाले कामगारों और मजदूरों को हज हाउस में लाने का सिलसिला जारी हो गया. यूपी, बिहार और शिलांग के ये वो कामगार और मजदूर हैं जो नई दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान जैसे राज्यों में दिहाड़ी मजदूरी, कारीगरी और वेटर का काम करते हैं. यहां कई लोगों ने अपनी कहानी सुनाई. किसी को मकान मालिक ने धक्का मार के निकाला, तो किसी के मालिक ने उसे सिर्फ रास्ते का किराया देकर चलता कर दिया. किसी से बस वाले ने ज्यादा किराया वसूला, तो किसी को मुफ़्त कहकर बस में बिठाया गया और बीच रास्ते में किराया वसूला गया. जो किराया नहीं दे पाया, उसे बीच रास्ते में बस से उतार दिया गया
हजार के करीब लोग रुके हैं
सीएम योगी की ओर से भी लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि ऐसे लोगों का पूरा ख्याल रखा जाएगा. हज हाउस शेल्टर होम में करीब एक हज़ार लोगों को रखा गया है, लेकिन यहां पर प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं है. शरण लिए लोगों का कहना था कि उनकी अभी तक कहीं कोई स्कैनिंग या जांच नहीं हुई है. उनको यह भी नहीं मालूम कि उन्हें यहां क्यों रखा है और कितने दिन के लिए रखा गया है.अभी तक नहीं हुई है स्कैनिंग
अब यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि यहां पर जितने लोग हैं उनको यहीं पर क्वारेंटाइन किया जाए. समाजसेवी संस्थाओं के कुछ लोग फिलहाल यहां पर लोगों के लिए खाना मुहैया करा रहे हैं, लेकिन कोई मेडिकल एड नहीं दी जा रही है. हालांकि, एसीपी कृष्णा नगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि दूसरे प्रदेशों से लौट रहे लोगों को हज हाउस में क्वारेंटाइन किया जाएगा.