Coronavirus: क्या 21 दिन से आगे बढ़ेगा लॉकडाउन? मोदी सरकार ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली. भारत समेत दुनिया के तमाम देश इस वक्त चीन से फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) से जूझ रहे हैं. भारत में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में इस  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन कर दिया है, ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके. हालांकि, जिस तरह से  कोरोना संकर्मितो की संख्या और मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. उससे ऐसी चर्चा है कि सरकार लॉकडाउन को 21 दिन से आगे भी बढ़ा सकती है. इससे लोग खासे परेशान भी हैं. हालांकि अब सरकार ने साफ किया है कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाने वाली बात आधारहीन है.
लॉकडाउन के दूसरे दिन मोदी सरकार ने राहत पैकेज का ऐलान किया. इसके अगले दिन आरबीआई ने भी ईएमआई और लोन को लेकर कई बड़े ऐलान किए, लेकिन दोनों में ही तीन महीने की बात कॉमन थी. जिस तरह हर योजना को अगले तीन महीने के लिए तैयार किया गया उससे इस बात की संभावनाओं को बल मिलने लगा है कि क्या ये लॉकडाउन का संकट 21 दिनों से बड़ा होने वाला है. हालांकि, सरकार ने इसे महज अफवाह करार दिया है.


प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. PIB ने कहा, 'लॉकडाउन को आगे बढ़ाने वाली बात अफवाह है और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर ये बातें कही जा रही हैं. कैबिनेट सेक्रेटरी ने इन खबरों को खारिज किया है. उनका कहना है कि इन खबरों का कोई आधार नहीं है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिव राजीव गौबा ने कहा कि लॉकडाउन को बढ़ाए जाने की खबरें चौंकाने वाली हैं, हमारा ऐसा कोई प्लान नहीं है.


क्या काफी है 21 दिनों का लॉकडाउन?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कई बार इसका जिक्र किया है कि विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए 21 दिनों तक सोशल डिस्टेंसिंग जारी रखने की बात कही है. इसी वजह से देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है.
हालांकि, अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा दिए गए कुछ बयानों को गौर करें तो इनमें कहा गया है कि ये जरूरी नहीं है कि लॉकडाउन से ही कोरोना वायरस का खतरा खत्म हो जाता है, इसके लिए उन मरीजों की तलाश करना और इलाज करना जरूरी है जो इससे पीड़ित हैं. साथ ही उनके संपर्क में आए सभी लोगों को क्वारनटीन में रखना भी जरूरी है. ऐसे में ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि 21 दिनों का लॉकडाउन काफी है.